बदायूं में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम अब नहीं हो सकेगा। कार्यक्रम की मुख्य आयोजक सुनीता पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आयोजन की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और इस पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उनका आरोप है कि अनुमति न मिलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन बताते हुए प्रशासन के निर्णय पर नाराजगी जताई है।
सुनीता पाल ने अपने समर्थकों और समाज के लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने स्थानों पर रहकर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती मनाएं और उनके बताए गए आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें।
फिलहाल कार्यक्रम रद्द होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अनुमति न दिए जाने के कारणों को लेकर जो भी आधिकारिक पक्ष होगा, उस पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।


