बरेली में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक प्लॉट खरीदार ने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी डीलर के इशारे पर बारादरी थाने के चार पुलिसकर्मियों ने उसे थाने के निजी क्वार्टर में दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा और छोड़ने के बदले रुपये वसूले। शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर एसएसपी ने चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
हाफिजगंज क्षेत्र के गांव आसपुर हसन अली निवासी सोमवीर कश्यप ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह एक प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया में थे। आरोप है कि 12 मई को एक प्रॉपर्टी डीलर ने उन्हें एग्रीमेंट कराने के बहाने बुलाया और बाद में उनके दस लाख रुपये लेकर फरार हो गया।
पीड़ित के अनुसार, रुपये वापस पाने की उम्मीद में वह लगातार प्रॉपर्टी डीलर की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान 14 मई को जब वह संबंधित व्यक्ति के ढाबे पर मौजूद थे, तब चार पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ बारादरी थाने ले गए। आरोप है कि वहां उन्हें थाने परिसर स्थित एक निजी क्वार्टर में रखा गया, धमकाया गया और मामले को भूल जाने का दबाव बनाया गया।
सोमवीर का दावा है कि दो दिन तक बंधक बनाए रखने के बाद उनके परिजनों से 50 हजार रुपये मंगवाए गए। रकम मिलने के बाद उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
मामले की शिकायत 25 मई को एसएसपी अनुराग आर्य से की गई। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद बारादरी थाने के मुख्य आरक्षी आशीष मिश्रा और राहुल कुमार तथा आरक्षी सिद्धांत चौधरी और आदित्य प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और कदाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


