शाहजहांपुर में शिक्षा विभाग के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई और पूरे विभाग में हड़कंप फैल गया।
यह मामला कम्पोजिट स्कूल चौना बुजुर्ग में तैनात सहायक अध्यापिका रेनू शुक्ला से जुड़ा है। आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति से संबंधित फाइल निपटाने के नाम पर उनसे लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर शिक्षिका ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत कर दी।
शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन टीम सक्रिय हो गई। इंस्पेक्टर इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया। सोमवार शाम करीब 5:45 बजे जैसे ही आरोपी रिश्वत की रकम लेते पकड़े गए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निश्चय सिंह (जिला समन्वयक, BSA कार्यालय) और अरुण कुमार (कंप्यूटर ऑपरेटर, आउटसोर्सिंग) के रूप में हुई है। दोनों पर लंबे समय से फाइलों के नाम पर वसूली करने के आरोप लगते रहे हैं।
कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर बाजार में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एंटी करप्शन टीम अब इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


